Our Love Story
हर प्रेम कहानी की शुरुआत अलग होती है। हमारी कहानी किसी भीड़भाड़ वाली सड़क, कॉलेज या किसी समारोह से नहीं, बल्कि एक साधारण फ़ोन कॉल से शुरू हुई।
उस समय वह DCYM की सचिव थीं। मुझे आने वाले DCYM कैंप की जानकारी चाहिए थी, इसलिए मैंने उन्हें फ़ोन किया। शुरुआत में हमारी बातचीत केवल कैंप और उसके कार्यक्रमों तक सीमित थी। लेकिन धीरे-धीरे बातचीत सहज होने लगी। एक-दूसरे से खुलकर बात करना अच्छा लगने लगा और अनजाने में ही एक नया रिश्ता बनना शुरू हो गया।
कुछ समय बाद, एक दिन फ़ोन पर बात करते-करते उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “चलिए, अब मैसेज में बात करते हैं।” उसी दिन से हमारी बातचीत का एक नया अध्याय शुरू हुआ। फ़ोन कॉल के साथ-साथ मैसेज में भी बातें होने लगीं, और हर दिन एक-दूसरे को थोड़ा और समझने का अवसर मिलने लगा।
एक दिन उन्होंने मेरी एक तस्वीर माँगी। फिर बड़ी सहजता से पूछा, “क्या आपकी शादी हो गई है?” मैंने मुस्कुराकर कहा, “नहीं।” उन्होंने फिर पूछा, “क्या घर वाले आपके लिए लड़की देख रहे हैं?” मैंने जवाब दिया, “हाँ, देख तो रहे हैं, लेकिन अभी तक बात कहीं तय नहीं हुई है।”
थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरी जन्म-तिथि पूछी। उस समय मैंने मज़ाक में अपनी जन्म-तिथि नहीं बताई। उन्होंने हँसते हुए कहा, “ठीक है, बाय।” उस दिन हमारी बातचीत वहीं समाप्त हो गई।
शायद उस समय हम दोनों में से किसी ने भी नहीं सोचा था कि एक साधारण-सी बातचीत, जो केवल एक कैंप की जानकारी लेने के लिए शुरू हुई थी, वह आगे चलकर हमारी ज़िंदगी की सबसे ख़ास यादों में बदल जाएगी।
समय के साथ हमारी बातचीत जारी रही। विश्वास बढ़ता गया, अपनापन गहराता गया, और एक-दूसरे की मौजूदगी हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन गई। बिना मिले भी दिलों का रिश्ता बन सकता है—हमारी कहानी इसका एक सुंदर उदाहरण है।
आज भी हमारी कहानी उसी पहले फ़ोन कॉल की याद से शुरू होती है, लेकिन अब उसके हर अध्याय में विश्वास, सम्मान, दोस्ती और सच्चे प्रेम की मिठास जुड़ चुकी है। हमारा विश्वास है कि यदि परमेश्वर की इच्छा होगी, तो यह सफ़र आगे भी प्रेम, विश्वास और आशीष के साथ चलता रहेगा।

